जिनशासन की सेवा, जैन मूल्यों के संरक्षण और सामाजिक समरसता को समर्पित एक ऐतिहासिक पहल के रूप में "श्री अतिवीराचार्य पुरस्कार" का शुभारम्भ वर्ष 2026 में परम पूज्य आचार्य श्री 108 अतिवीर जी मुनिराज की पावन प्रेरणा से किया गया| यह पुरस्कार जिनशासन के उन विशिष्ट व्यक्तित्वों को सम्मानित करेगा जिन्होंने धर्म, साधना, शिक्षा, समाजसेवा और प्रचार-प्रसार आदि के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है| यह केवल एक समारोह नहीं अपितु धर्म, साधना, त्याग एवं आत्मबल के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता और सम्मान का भव्य महोत्सव है तथा जिन शासन की एकता का प्रतीक बनेगा| "श्री अतिवीराचार्य पुरस्कार" जैन समाज में सेवा, संस्कार, एकता और समर्पण की भावना को प्रोत्साहित करने की एक सार्थक पहल है| इसका उद्देश्य युवा पीढ़ी को जैन संस्कृति, साधना और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ना है| यह समारोह केवल सम्मान का कार्यक्रम नहीं, बल्कि जिनशासन की प्रतिष्ठा, एकता और भविष्य की दिशा को सुदृढ़ करने की एक महत्वपूर्ण पहल है|